पृष्ठ

यह ब्लॉग खोजें

सोमवार, 18 अक्टूबर 2010

मेरी मणिमहेश यात्रा २०१०


इस बार यात्रा के साथी थे जगदीप संधू , संजीव कौशल और जोनी।

होली भी जाना हुआ।

सोमवार, 17 मई 2010

बिना सरकारी आदेश के राजस्व विभाग ने बदल दिया काश्त व
इसके नाम कर दी उसकी जमीन
तहसीलदार सदर से प्राप्त जानकारी में सामने आया 12 साल पहले का राज
तहसीलदार बोले, काश्त की दुरुस्ती के लिए सक्षम न्यायलय में करें आवेदन
मंडी पुलिस के पास पहुंची कागजों में हेराफेरी की रिपोर्ट, फंसेगी कई मछलियां

राजसव विभाग के अधिकारियों - कर्मचारियों की मिलीभगत से इसकी जमीन को कागजों में चुपचाप उसकी जमीन दिखा दिया गया। कागजों में जमीन का अधिकार जिसके नाम कर दिया गया, उस व्यक्ति ने उक्त हमीन पर भवन निर्माण तक कर दिया। राजस्व विभाग के बिना किसी आदेश के काश्त व कब्जा बदलने के इस मामले का पटाक्षेप 12 साल बाद हुआ है। काश्त में तबदीली कर जमीन को किसी दूसरे के नाम करने के इस षडय़ंत्र में मिलीभगत की बू आ रही है। सदर तहसील के मौजा तल्याड़ में हुए इस भूमि घोटाले की परतें खुलने लगी है और पुलिस छानबीन में जुट गई है कि आखिर किसी एक व्यक्ति की जमीन को दूसरे के नाम कब्जा व काश्त दर्शाने के इस षडय़ंत्र में किसका हाथ है। इस प्रकरण में कई बड़ी मछलियों के फंसने का अंदेशा है। अप्पर समखेतर मुहल्ले में रहने वाली राजेंद्री अवस्थी ने तहसीलदार सदर से इस जमीन के बारे में सूचना अध्किार कानून के तहत सूचना मांगी तो खुलासा हुआ कि तत्याड़ स्थित उसके पति द्वारा खरीदी जमीन पर 1998-99 में बिना किसी सरकारी आदेश के काश्त व कब्जा बदल दिया गया। आवेदक को दी गई सूचना में तहसीलदार सदर ने स्वीकार किया है कि काश्त व कब्जा में तबदीली होने संबंधी कोई आदेश तहसीलदार कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। अपनी गलती को मानते हुए उसमें सुधार के लिए भी तहसीलदार सदर की और से आवेदक को सुझाव दिया गया है। तहसीलदार कार्यालय की ओर से कहा गया है कि राजस्व रिकॉर्ड में काश्त की दुरुस्ती के लिए वह किसी समक्ष न्यायालय के पास अपना पक्ष रख न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
एसपी से की शिकायत, जांच शुरू

तहसील कार्यालय सदर से मिली सूचना में मिलीभगत से काश्त बदलने का खुलासा होने पर राजेंद्री देवी ने जिला पुलिस प्रमुख से खिलित श्किायत कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं धोखे से हड़पी उक्त जमीन पर किए गए निमार्सण को हटाने की भी मांग की है। राजेंद्री देवी की शिकायत पर एसपी मंडी ने इस बारे में जांच करने के आदेश सदर थाना मंडी को दिए है। इस प्रकरण में तहसील कार्यालय के कर्मचारियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। बहरहाल पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी हुई है।
कोटस
तहसील कार्यालय से प्राप्त सूचना में इस बात का खुलासा हुआ है कि षडय़ंत्र के तहत उसके पति की खरीद ी जमीन की काश्त व कब्जा किसी और के नाम से दर्शा दिया गया। इस बारे में एसपी मंडी से लिखित शिकायत की गई है।
राजेंद्री देवी, सूचना अध्किार कानून के तहत सूचना हासिल कर जिन्होंने एसपी से शिकायत की है।
कोटस
अगर काश्त व कब्जे की तबदीली बिना किसी सरकारी आदेश के हुई है तो समक्ष न्यायालय से काश्त व कब्जा दुरूस्ती के लिए आवेदन कर न्याय प्राप्त किया जा सकता है।
गोकुल शर्मा, तहसीलदार सदर
कोटस
राजेंद्री देवी से इस बारे में लिखित श्किायत मिली है। इस प्रकरण को षडय़ंत्र के तहत अंजाम दिया गया अथवा क्लेरिकल मिस्टेक है, जांच करवाई जा रही है। जांच केक बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होगा।
सोनल अज्निहोत्री, एसपी मंडी।

बुधवार, 5 मई 2010

जंगल में मंगल

चीड और बान के जंगलों से चरों और से घिरा येः गाँव